इतना तो हक बनता ही है
एक कवि का कि
जब वह मरे तो
मौत को पता हो कि
वह एक कवि को लेने जा रही है।
एक कवि मरे और कहीं एक
कविता न हो
यह तो गलत होगा
वेणुगोपाल
December 30, 2008
वेणुगोपाल जो चुपचाप चले गए
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